एकल विद्यालय परिवार प्रवासी कार्यकर्ता सम्मेलन का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। जिसमें कार्यकर्ताओं के गुणवत्ता और कार्य को निखार देने के लिए तीन सत्र हुए, समापन रविवार को किया गया। पहले सत्र में विद्यालय की गुणवक्ता, पंचमुखी शिक्षा पर जोर दिया गया। दूसरे सत्र में ग्राम वनयात्रा की तैयारी और तीसरे सत्र में स्नेह संपर्क परिवार, विद्यालय ग्राम परिवार, नगर परिवार स्थापित किए गए।
समापन अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि समाज के मूल्यों को बचाने के लिए और लोगों में संस्कार पैदा करने के लिए एकल विद्यालय की परिकल्पना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने किया है। द्वापर, त्रेता, सतयुग में एक ही गुरु होते थे, केवल भिक्षाटन से भरण पोषण करके बड़े-बड़े राजाओं के राजकुमारों को शिक्षा देने का काम किया जाता था। आप लोग धन्य है जो इस युग में ऐसे पुनीत कार्य में अपना सहयोग कर रहे हैं। आप सभी के सहयोग से दूरस्थ वनांचल के लोगों को शिक्षित करने का काम हो रहा है, समाज को धर्मांतरण से बचाने का भी काम कर रहे हैं, धर्मांतरण से न सिर्फ धर्म की रक्षा होती है अपितु राष्ट्र की भी रक्षा होती है।
जब-जब देश में धर्मांतरण बढ़ा है, हमारा देश गुलाम हो गया। मैं एक स्वयंसेवक होने के नाते और आप लोगों ने जो मुझे प्रदेश में जिम्मेदारी सौंपी है उसके नाते आप लोगों के साथ मेरा पूरा सहयोग रहेगा। कार्यक्रम में एकल अभियान के संरक्षक नीरज अग्रवाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य सिद्धिविनायक पांडे, आरएसएस के बौद्धिक प्रमुख अंशु राज अग्रवाल, एकल अभियान के ग्राम स्वराज्य योजना प्रमुख राजेश साहू, अंचल अभियान प्रमुख राजेश यादव, पारस नाथ यादव, नवनीत कुशवाहा, प्रभू दयाल, मनेंद्रगढ़ सेवावर्ती कार्यकर्ता और संघ खड़गवां के सदस्य मौजूद रहे।


