विजन 2047 : 10 पिलर से छत्तीसगढ़ बनेगा विकसित राज्य, जानिए बजट में क्या खास


त्तीसगढ़ सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 1 लाख 47 हजार 500 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। विधानसभा में पहली बार पेपरलेस बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत 2047 में अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरा करेगा, तब तक छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनकर खड़ा होगा।वित्त मंत्री ने कहा कि रामराज्य से बड़ा सुशासन का मॉडल पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिलता। तुलसीदास जी ने हमें रामराज्य की अवधारणा बताई है। हम इसी आधार पर काम करेंगे। 



वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2047 में विकसित बनाने का लक्ष्य रखा है। 2047 तक हम भी छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाएंगे। वित्त मंत्री ने बताया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने हमने 10 पिलर्स तैयार किये हैं। पहला पिलर GYAN है। ज्ञान यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के विकास पर काम। उन्होंने कहा कि किसी देश को तबाह करने बारूद और मिसाइल की जरूरत नहीं, शिक्षा की गुणवत्ता को खराब करना और परीक्षा में भ्रष्टाचार ही देश को बर्बाद करने के लिए पर्याप्त है। 



दूसरा पिलर तकनीक आधारित रिफार्म और सुशासन से तीव्र आर्थिक विकास है। इसके अंतर्गत एआई, डेटा एनालिटिक्स को बढ़ावा देंगे। इसके लिए छत्तीसगढ़ सेंटर फॉर स्मार्ट गवर्नेंस की स्थापना करेंगे। डिजिटल टेक्नाेलॉजी को विभागों में बढ़ावा देने 266 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। तीसरा पिलर अधिकाधिक पूंजीगत व्यय अर्थात कैपेक्स को बढ़ाना है। वित्त मंत्री ने बताया कि पूंजीगत व्यय में 100 रुपए की वृद्धि से जीडीपी में 247 रुपए की वृद्धि होती है। 



चौथा पिलर प्राकृतिक संसाधनों का उचित इस्तेमाल है। 5वां पिलर अर्थव्यवस्था के सेवा क्षेत्र में नई संभावनाओं पर जोर है। इसमें इको टूरिज्म सर्किट, हेल्थ डेस्टिनेशन, वेडिंग डेस्टिनेशन, बिजनेस टूरिज्म, कांफ्रेंस डेस्टिनेशन, आईटी सेक्टर आदि की स्थापना शामिल। 6वां पिलर सरकार की सारी क्षमताओं के साथ ही निजी निवेश भी सुनिश्चित करना है। 7वां पिलर बस्तर सरगुजा की ओर देखो है। बस्तर में लघु वनोपजों का प्रसंस्करण और सरगुजा में उद्यानिकी व मछली पालन की संभावनाओं पर काम होगा। 8वां पिलर डिसेंट्रलाइज्ड डेवलपमेंट पॉकेट्स पर काम होगा। नवा रायपुर में प्लग एण्ड प्ले मॉडल पर आईटी आधारित रोजगार सृजन होगा। नवा रायपुर में लाइवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और दुर्ग जिले में सेंटर ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप स्थापित स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित किया जाएगा। 9वां पिलर छत्तीसगढ़ी संस्कृति का विकास है। वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बोली-भाषा, तीज त्योहार, साहित्य को आगे बढ़ाएंगे। 10वां पिलर क्रियान्वयन का महत्व है। प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य कर हम विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे।



वित्त मंत्रालय ने कोई नया कर प्रस्तावित नहीं किया और न ही करों की दर में वृद्धि का प्रस्ताव रखा है। पीएम आवास योजना के तहत 18 लाख घरों के निर्माण के लिए 8 हजार 369 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। महतारी वंदन योजना के तहत 3 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। किसान उन्नति योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे 24 लाख 72 हजार से अधिक किसानों को लाभ होगा। 


पिछले साल की तुलना में 2 लाख 30 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन योजना के तहत 4 हजार 500 करोड़ रुपए का प्रावधान है। साथ ही दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के लिए 5047 करोड़ का प्रावधान है। श्री रामलला दर्शन योजना के लिए 35 करोड़ रुपए का प्रावधान है। 5 शक्तिपीठों की विकास की विस्तृत योजना बनाने के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 



मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बजट आने वाले कई वर्षों तक छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा और दशा संवारने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश का राजस्व बढ़ाने वाला बजट है। यह बजट सभी वर्गों के समावेशी विकास को सुनिश्चित करने वाला और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने वाला बजट है। 


सीएम ने कहा कि कृषि उन्नति योजना के लिए बजट में 10 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। योजना में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले प्रदेश के 24 लाख 72 हजार से अधिक किसानों को अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में महतारी वंदन योजना के तहत 3 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। योजना में विवाहित महिलाओं को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। पांच हॉर्स पावर कृषि पंपों के लिए निशुल्क बिजली आपूर्ति के लिए 3500 करोड़ रुपए का प्रावधान है। 





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