डाक से घर आए लिफाफे में लकी ड्रा स्क्रैच में स्विफ्ट डिजायर कार फंसने का लालच देकर 42 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। मामला कोरिया जिले के चरचा थाना क्षेत्र का है। युवक ने कार के रजिस्ट्रेशन, बीमा, परमिट के नाम पर फोन पे से रुपए ट्रांसफर कर दिया। ठगी का अहसास होने पर चरचा थाना में शिकायत देकर ठगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के अनुसार ग्राम छरछा बस्ती के रहने वाले 23 वर्षीय युवक के पास 5 फरवरी को छिंदडांड पोस्ट ऑफिस से फोन आया कि आपके नाम से डाक आया है। जिस पर युवक ने अपने भतीजे को पोस्ट ऑफिस डाक लेने के लिए भेजा। डाक देखा तो इस पर मोबाइल नम्बर था पर डाक भेजने वाले का नाम नहींं लिखा था। लिफाफा खोलकर देखा तो अंदर पीले रंग के पेपर पर हिन्दी अंग्रेजी नाम के मिले जुले शब्दों में जीवा हर्बल आयुर्वेदा हेल्थ केयर कस्तूबा नगर, गुवाहाटी, कामरूप असाम लिखा था। जिस पर आजादी का अमृत महोत्सव व लकी नंबर 35754 अंकित था।
आयुर्वेद जड़ी बुटी का उल्लेख करते हुए अंतिम लाइन में लिखा था कि आप किस्मत के धनी निकले हैं और आप विजेता घोषित हुए हैं। पेपर के अंदर लिफाफा में एक कूपन था जिसे स्क्रेच किया तो स्विफ्ट डिजायर कार का विजेता बताया गया। लेटर पर डॉ आनंद किशोर का नाम लिखा था और मोबाइल नम्बर 9827429230 अंकित था। कूपन में भी वही नम्बर अंकित था। कूपन व डाक को पढ़कर नम्बर पर कॉल किया तो कॉल पर अपना नाम हेमन्त कुमार, हिमांचल कुल्लू का बताया। स्विफ्ट डिजायर गाड़ी फंसा है कहने पर उसने कहा कि आप लकी पर्सन हैं। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन व बीमा करा लीजिए। रजिस्ट्रेशन, बीमा, परमिट के लिए 43 हजार 500 रुपए फोन पे के माध्यम से ट्रांसफर किया। टोल टैक्स व असाम से गाड़ी भिजवाने के नाम पर और रुपए मांगे जाने पर ठगी होने की बात समझ में आई।
रजिस्ट्रेशन, बीमा, परमिट के नाम पर मांगे रुपए
पीड़ित ने जब लक्की ड्रा की गाड़ी के बारे में पूछा तो ठग ने कहा कि पहले रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा। रजिस्ट्रेशन के लिए 5500 रुपए फोन पे करना होगा। उसके बताए गए नंबर 9124954817 पर फोन पे करने के बाद फोन पे में नाम बिष्णु दास दिखा। इसके बाद बीमा के लिए 12 हजार 500 रुपए मांगे।
रुपए डालने के बाद ऑल इंडिया परमिट पेपर बनवाने के लिए 25 हजार 500 रुपए मांगे। यह दूसरे नंबर 7873062830 पर फोन पे किया जिसपर प्रशांत बेहरा नाम था। इसके बाद वाट्सएप पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की कॉपी भेजी। इसके बाद गाड़ी असम से निकल चुकी है। टोल टैक्स के लिए 14 हजार 500 रुपए मांगे जाने पर अहसास हुआ कि सामने वाला व्यक्ति ठगी कर रहा है।

