सुमंत गांगुली | खड़गवां
छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन ने हड़ताल की चेतावनी दी है। गुरुवार को फेडरेशन ने आपातकालीन बैठक की। पदाधिकारियों का कहना है कि भाजपा नेताओं और वर्तमान मंत्रियों ने हेल्थ फेडरेशन के धरना स्थल पर पहुंचकर सरकार बनते ही मांगों को पूरा करने का वादा किया था पर स्वास्थ्य विभाग के आंदोलनरत कर्मचारियों, अधिकारियों की वेतन तक को लेकर निर्णय नहीं लिया गया है।
साथ ही उच्च शिक्षा के लिए अध्ययन अवकाश भी नहीं दिया गया है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि वादा अब तक पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। जिससे स्वास्थ्य विभाग के समस्त चिकित्सकों, नर्सों और स्वास्थ्य संयोजकों में काफी निराशा और आक्रोश पनप रहा है। बार-बार एस्मा का हवाला दिया जा रहा है, जबकि एस्मा का वेतन स्वीकृति से कोई भी संबंध नहीं है। एस्मा एक्ट गृह विभाग का कानून है, जिसमें वेतन कटौती या किसी भी विभागीय दण्ड का कोई उल्लेख नहीं है। हड़ताल में गए राजस्व विभाग के पटवारी व स्वास्थ्य विभाग के जूनियर डॉक्टर्स और एनएचएम कर्मचारियों का वेतन भुगतान किया जा चुका है, लेकिन हेल्थ फेडरेशन से जुड़े स्वास्थ्य संयोजकों, नर्सों और डॉक्टर्स के वेतन स्वीकृति, एनओसी पर नियम कायदों को बताकर जबरन रोक लगाई जा रही है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता फरवरी में कभी भी लग सकती है। ऐसे में प्रदेश सरकार से आग्रह है कि वेतन स्वीकृति और उच्च शिक्षा के लिए एनओसी तत्काल प्रदान करें और मंच पर आकर जो वादा किया था, उसे पूरा करने के लिए शासन प्रशासन कार्रवाई शुरू करे। मांगों पर विचार नहीं होने पर फेडरेशन रणनीति तैयार करेगा।


