VIDEO : सरगुजा को लुभा रहा मोर नृत्य और चीतलों का कुनबा, जंगल सफारी जैसा रोमांच



जंगल सफारी की तर्ज पर अंबिकापुर संजय पार्क में रोमांचक नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं। वन विभाग ने पार्क को खास अंदाज में डेवलप किया है। यहां वन्यजीवों समेत पर्यटकों के लिए कॉटेज है। बस स्टैंड से पार्क की दूरी 3.8 व रेलवे स्टेशन से 8.7 किमी है। 


संजय पार्क में पंख फैलाकर मोरों ने किया नृत्य

शहरवासी वाटिका में अपने परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय व्यतीत करने पहुंचते हैं। यहां प्राकृतिक खूबसूरती और वन्यजीवों को निहार कर आनंद लेते हैं। पार्क में 22 मोर, 78 चीतल, तीन कोटरी, सफेद चूहा, सांभर, खरगोश, लव बर्ड समेत अलग-अलग रंग और प्रकार के पक्षी देखने को मिलेंगे। 




22 मोर हैं खास आकर्षण का केंद्र पार्क में कई तरह के वन्यजीव मौजूद हैं जिन्हें देखने रोज सुबह से शाम तक भीड़ जुटती है पर खास आकर्षण 22 मोर हैं जो अक्सर जोड़े में पंख फैलाकर नृत्य करते नजर आ जाते हैं। 






पार्क प्रभारी अजीत पाण्डेय के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन व गांवों में भटकर आए वन्यजीवों को यहां रखा जाता है। करीब 78 चीतल हैं जिनमें से कुछ चीतलों को जल्द ही जंगल में छोड़ने को लेकर बातचीत चल रही है। 



पार्क में जंगली जानवर शहरवासियों के मनोरंजन का साधन बने है पर वन विभाग इन जानवरों के लिए कोई व्यवस्था करने में रूचि नहीं दिखा रहा है। पार्क में पहुंचने वालों से शुल्क लिया जाता है जिससे वन्य प्राणियों के चारा-पानी समेत दूसरी जरूरतों की पूर्ति की जाती है। 




पार्क में पर्यटकों के ठहरने के लिए बांस से आकर्षक कॉटेज हैं जहां पर्यटक छुट्टी बिताने पहुंचते हैं। शुरू में पार्क रेस्क्यू सेंटर के रूप में तैयार किया गया था जहां घायल वन्यजीवों के उपचार की व्यवस्था की जाती रही। 



फोटो : EDITOR DESK 






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