मध्यप्रदेश में 33 साल विधायक रहे डॉ सिंहदेव, छत्तीसगढ़ में पहले वित्तमंत्री चुने गए
अविभाजित मध्यप्रदेश में कोरिया कुमार से लोकप्रिय स्व. डॉ रामचंद्र सिंहदेव की जयंती पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कोरिया कुमार चौक की शुरूआत की। सीएम श्री भूपेश बघेल ने डॉ सिंहदेव की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री टीएस सिंहदेव, विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत समेत मंत्री, विधायक, जिला प्रशासन के अधिकारी, कांग्रेस पदाधिकारी व जिलेवासी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमार साहब राज परिवार में जन्म लिये पर जीवन सादगीपूर्ण रहा। वह सरल, सहज और मिलनसार थे। 1967 में वे विधायक और मंत्री बने तब आधे विभाग उनके पास थे। योजना आयोग के उपाध्यक्ष व सिंचाई मंत्री के रूप में साल 2000 तक उन्होंने सेवाएं दीं। उनकी विशेषज्ञता जलप्रबंधन और सिंचाई परियोजनाओं में रही। उनका पूरा जीवन छत्तीसगढ़ को समर्पित रहा। उनके चिंतन के केंद्र में छत्तीसगढ़ और कोरिया हमेशा से रहा और यहां के विकास के बारे में वे हमेशा चर्चा करते रहे। मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ बनने पर वे राज्य के पहले वित्तमंत्री बने। आज छत्तीसगढ़ की जो प्रगतिशील अर्थव्यवस्था है उसकी नींव में उनकी सोच और विचार है। उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में अर्थव्यवस्था का जो आधार रखा, उसी पर आज छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने श्रम कानून और मध्यान्ह भोजन योजना में कोरिया कुमार के पिता श्री रामानुज प्रताप सिंहदेव के योगदान का उल्लेख किया, जो आज पूरे देश में लागू है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर जिले में 10.99 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन कार्यों में नगर पालिका बैकुंठपुर के लिए 7.63 करोड़ रूपए, नगर पालिका शिवपुर-चरचा के लिए 2.86 करोड़ रूपए के विकास कार्यों सहित 50 लाख की लागत से सर्व आदिवासी समाज का सामुदायिक भवन शामिल है। कार्यक्रम में गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव व बैकुंठपुर विधायक श्रीमती अंबिका सिंहदेव, भरतपुर-सोनहत विधायक श्री गुलाब कमरो, विधायक डॉ विनय जायसवाल शामिल हुए।
सोशियोलॉजी में पीएचडी की, फोटोग्राफी पसंद थी : स्वर्गीय डॉ रामचंद्र सिंहदेव का जन्म बैकुण्ठपुर में 13 फरवरी 1930 को हुआ था। स्कूली शिक्षा राजकुमार कॉलेज रायपुर और उच्च शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हुई। जहां से उन्होंने केमिस्ट्री में एमएससी और सोशियोलॉजी में पीएचडी की उपाधियां प्राप्त कीं। उनकी अभिरुचि फोटोग्राफी, पुस्तक लेखन में रही। सिंचाई, योजना, आर्थिकी के उन्नत स्वरूपों पर उनका मौलिक चिंतन रहा, जनहित के मुद्दों पर राष्ट्रीय सेमीनार में हमेशा सक्रिय हिस्सेदारी रही। जर्मनी में अंतरराष्ट्रीय संस्था ने कुशल जलप्रबंधन के लिए उन्हें सम्मानित किया था।
घड़ी चौक की पहचान अब कोरिया कुमार से..
कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के घड़ी चौक की पहचान अब कोरिया कुमार चौक से की जाएगी। भाजपा शासन में प्रदेश के निकायों में घड़ी चौक की शुरूआत हुई थी। मेंटेनेंस नहीं होने से घड़ी अक्सर बंद रहती थी। नगरवासियों की मांग पर चौक को कोरिया कुमार के नाम पर किया गया है।





