खड़गवां में चनवारीडांड शक्ति पीठ महामाया मंदिर प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल है। माना जाता है कि सरगुजा के राजा बिलासपुर रतनपुर स्थित मां महामाया की एक प्रतिमा लेकर जब सरगुजा जा रहे थे तब वह इस स्थल पर रूके थे। ग्राम वासी बताते हैं कि जिस स्थान पर मां की मूर्ति स्थापित है वहां राजा ने एक रात मां की मूर्ति को रखा था। इसके बाद राजा ने अंबिकापुर में मां महामाया की मूर्ति की स्थापना करवाई।
यहां मां महामाया के भव्य मंदिर के साथ ही भोले नाथ का मंदिर तैयार है। इसके साथ ही यहां पर दक्षिणाभिमुखी श्री हनुमान मंदिर, भैरव बाबा मंदिर है। चैत्र नवरात्र में यहां मेला लगता है। साथ ही बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।
भगवान जगन्नाथ मंदिर : पोड़ी
भगवान जगन्नाथ का मंदिर चिरमिरी के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में है। मंदिर उत्कल समाज ने बनवाया है। यह पवित्र स्थान वेस्ट चिरमिरी पोड़ी में स्थित है। रेलवे स्टेशन चिरमिरी से मंदिर की दूरी 6 किमी है। मंदिर की मुख्य विशेषता यह है कि इसकी स्थापत्य कला ओडिशा के पुरी जगन्नाथ से मिलती जुलती है।
गोरखनाथ गुफा मंदिर: गोदरीपारा
वर्षा ऋतु के समय पत्थरों से धीरे-धीरे पानी टपकता जिसे देखने में आनंद आता है। गुफा के अंदर पत्थरों पर देवी-देवताओं की आकृति देखने को मिलेगी। यहां माँ काली, देवी लक्ष्मी, माँ सरस्वती की मूर्तियां स्थापित है।
सिद्ध बाबा धामः मनेन्द्रगढ़
कालीबाड़ी मंदिर : हल्दीबाड़ी
जय धारी माँ काली मंदिर : बैगापारा बरतुंगा
बैगापारा में काली माता का मंदिर है, जो कि धार्मिक व दर्शनीय स्थल है। परिसर में सांई बाबा, हनुमान जी, भोले नाथ और भैरव बाबा का मंदिर स्थापित है। यहां पर नवरात्रि के पावन पर्व पर भक्तों की कतार लगी रहती है।
मंदिर बड़ा बाजार और बरतुंगा के मध्य स्थित है। दरअसल बैगापारा पहले एक गांव हुआ करता था। यहां धीरे-धीरे बैगा जनजाति की संख्या कम होती गई। इनका रहन-सहन का तरीका आज भी पुराने समय की तरह है।
माई की बगीया : हल्दीबाड़ी
चिरमिरी शहर के मध्य में हीरागिर पंचवटी पहाड़ के पास माई की बगीया का मंदिर है। प्रारंभ में यहां स्थानीय लोग पूजा करते थे लेकिन वर्तमान समय में यहां पर मां काली का सुन्दर मंदिर व माई की बगीया का निर्माण किया गया है जो भक्तों को अनायस आपनी ओर आकर्षित करता है। पास में गूफा मंदिर बना है जिसमें भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापित है। नवरात्रि, शिवरात्री पर भक्तों की भीड़ रहती है।
कोरिया जिले में पर्यटन के बढ़ते कदम
मैं कोरिया जिला के हसीन वादियों, खूबसूरत पर्यटन स्थलों को करीब 17 वर्षों से देखता आ रहा हूं। साथ ही पर्यटन का छात्र भी रहा हूं। अविभाजीत कोरिया जिले की अपनी संस्कृति, परंपराएं व जीवन शैली है। जिले की प्राकृतिक सुंदरता, पुरातत्व, स्मारक, जलाशय लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।
अश्विनी कुमार पाण्डेय
चिरमिरी, छत्तीसगढ़
ashwinichrm@gmail.com
(लेखक GGU से टूरिज्म पोस्ट ग्रेजुएट हैं)
फोटो : प्रकाश देबनाथ, अमित पाण्डेय
आभार : BFC Publication
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