अमृतधारा बायो डायवर्सिटी पार्क में वॉच टावर, भालुओं की गुफा देख सकेंगे पर्यटक

बारिश के बाद अमृतधारा जलप्रपात का नजारा दिलकश है। दूर-दूर से पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। पर्यटकों के लिए अमृतधारा में आकर्षक बायो डायवर्सिटी (जैव विविधता) पार्क तैयार किया जा रहा है। इससे पर्यटक व छात्र यहां वन्य जीवों का अध्ययन कर पाएंगे। यह पार्क राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाएगा। 


खासबात यह है कि पार्क में भालुओं का नेचुरल गुफा है जिसे आकर्षक बनाया जा रहा है। वन विभाग ने 2 नए वॉच टॉवर तैयार करवाए हैं। दरअसल पार्क जंगली जानवर हाथी, भालू, तेंदुआ, नीलगाय, चीतल, जंगली खरगोश, जंगली सुअर, लकड़ बग्घा, सियार, कोटरी व मोर सहित विभिन्न पशु-पक्षियों का विचरण क्षेत्र है। ऐसे में पर्यटक वॉच टॉवर की ऊँचाई से पार्क के नजारे का लुत्फ उठा सकेंगे। 

तितली पार्क और इंटर प्रिटेशन सेंटर : 


अमृत धारा के पास तितली पार्क को आकर्षक तरीके से विकसित किया जा रहा है। यहां रंग-बिरंगी तितलियों को अठखेलियां करते देखा जा सकता है। पर्यटक और बच्चे तितलियों को देखकर यकीनन खुश हो जाएंगे। आने वाले समय में यहां तितलियों की और भी कई प्रजातियां देखने को मिलेंगी। इसी तरह बायो-डायवर्सिटी पार्क में आमजनों को पक्षियों का महत्व बताने व पर्यावरण प्रेमियों के लिए इंटर प्रिटेशन सेंटर तैयार किया गया है। जहां पर्यटक सजीव चित्रों का अवलोकन कर सकते हैं। साथ ही पर्यटक यहां विश्राम व परिवारिक कार्यक्रम भी कर सकते हैं।


इको-टूरिज्म को बढ़ावा : डीएफओ 

मनेंद्रगढ़ डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल ने बताया कि बायो-डायवर्सिटी पार्क करीब 2 करोड़ से 2021 में शुरू हुआ था। जिसे दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बायो-डायवर्सिटी पार्क एक महत्वपूर्ण कदम है। वन मंडल के बिहारपुर रेंज में 111 हेक्टेयर में फेंसिंग किया गया है जिसके अंदर 2 वॉच टॉवर, एनिकट, तालाब व 20 हेक्टर में 27 हजार 500 चंदन पौधे रोपित किए गए हैं। 


फोटो : EDITOR DESK 






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