बैकुंठपुर के युवक ने 15 वर्षों तक कराया इलाज, बाबा चिश्ती शाह दरबार पहुंचने के बाद स्वास्थ्य में दिखा सकारात्मक बदलाव

 15 वर्षों से मिर्गी की समस्या से जूझ रहा था युवक

अंग्रेजी एवं आयुर्वेदिक सहित कई उपचारों का लिया सहारा

बीमारी के दौरान पसीना, नाखून नीले पड़ना और आंखें लाल होने जैसी थीं समस्याएं

परिजनों का दावा—दरबार पहुंचने के तीन दिनों बाद दिखा सकारात्मक परिवर्तन

युवक के स्वस्थ होने के बाद क्षेत्र में बढ़ी चर्चा और श्रद्धालुओं का विश्वास

 


कोरिया (तरगवां)(जितेंद्र मिश्रा)। कहते हैं कि जब उम्मीद की किरण धुंधली पड़ने लगे, तब आस्था नया रास्ता दिखाती है। ऐसा ही एक मामला बैकुंठपुर के एक युवक के साथ सामने आया है, जिसने पिछले 15 वर्षों से बीमारी के कारण असहनीय कष्ट झेला।


बी.ए. प्रथम वर्ष में अध्ययनरत इस युवक को मिर्गी की गंभीर समस्या थी। परिजनों के अनुसार बीमारी के दौरे पड़ने पर उसका पूरा शरीर पसीने से तर हो जाता था, नाखून नीले पड़ जाते थे और आंखें लाल हो जाती थीं। वर्षों तक परिवार ने अंग्रेजी, आयुर्वेदिक सहित विभिन्न पद्धतियों से उपचार कराया, लेकिन अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। लगातार इलाज और बढ़ती चिंता के बीच परिवार काफी परेशान था।


इसी दौरान युवक के परिजन ग्राम तरगवां स्थित बाबा चिश्ती शाह दरबार में हज़रत आकिब बाबा जी के पास पहुंचे। परिजनों का दावा है कि दरबार में दुआ के बाद युवक की स्थिति में आश्चर्यजनक सुधार देखने को मिला। उनका कहना है कि महज तीन दिनों के भीतर स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगा और अब युवक सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है।


युवक और उसके परिवार ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सुखद अनुभव बताते हुए कहा कि जहां वर्षों के इलाज के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिल रही थी, वहीं यहां आने के बाद उन्हें नई उम्मीद और सुकून मिला।



क्षेत्र के श्रद्धालुओं के बीच हज़रत आकिब बाबा जी को एक ऐसे धार्मिक व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता है, जिनके दरबार में लोग अपनी परेशानियां और मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा चिश्ती शाह दरबार में की गई दुआ लोगों को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और नई उम्मीद प्रदान करती है। यही कारण है कि कोरिया जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं।


इस युवक की कहानी भी आज क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। परिजनों का कहना है कि वर्षों तक बीमारी से संघर्ष करने के बाद मिली राहत ने उनके जीवन में नई खुशियां लौटा दी हैं। इस घटना के बाद बाबा चिश्ती शाह दरबार और हज़रत आकिब बाबा जी के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

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