इन 7 दिनों के भीतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में नेत्र सहायक अधिकारी विरेंद्र कुमार साहू, स्टाफ नर्स अनिता यादव, देवकुमारी साहू, रामहरि अधिकारी, बीपीएम तबिता भगत, बीई अमृत लाल टुंडे व हास्पीटल स्टाफ के सहयोग से लगभग 230 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया एवं मोतियाबिंद के 22 मरीजों का निशुल्क ऑपरेशन किया गया साथ ही जरूरतमंदों को निशुल्क चश्मा वितरण भी किया गया।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर बलवंत सिंह ने बताया कि 40 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों को नियमित नेत्र परीक्षण कराना चाहिए, ग्लूकोमा को काला मोतिया भी कहा जाता है यह एक गंभीर बीमारी है, इसमें आंख में दर्द, आंख की रोशनी कम होना, बार-बार चश्मा का नंबर बदलना, दृष्टि का दायरा सिकुड़ना ,आंख का प्रेशर बढ़ना, आंख में चोट लगने से या 40 वर्ष से अधिक आयु को ग्लूकोमा की संभावना अधिक होती हैं। आंख का प्रेशर बढ़ने से आंख की नस सूख जाती है जिसका उपचार संभव नहीं है सही समय पर आंख की जांच करा कर परेशानी से बचा जा सकता है।




