लकड़ी के सहारे टिकी अवैध कोयला खदान की चट्टान
लकड़ी के सहारे टिकी अवैध कोयला खदान की चट्टान दे रही है बड़ी दुर्घटना को आंमंत्रण पर अधिकारियों का ध्यान नहीं। पटना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुरमा, अंगा, पूटा, कटकोना पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पहाड़ों में आधा दर्जन से भी अधिक संख्या में सुरंग बनाकर अवैध कोयला खदान का संचालन कोयला चोरों द्वारा विगत कई वर्षों से लगातार किया जा रहा है। पहाड़ों की खुदाई कर बड़ी बड़ी सुरंग बना दिया गया है और कोयला निकालने के बाद उपरी हिस्से की चट्टान को गीरने से बचाने के लिए लकड़ी का खूंटा लगा दिया गया है आखिर वजनी चट्टान को लकड़ी का खूंटा कितने दिनों तक सम्हाल पाएगा यह सवाल बना हुआ है, लकड़ी को तोड़ कर पहाड़ की चट्टान कभी भी धसक सकती है जिससे बड़ा हादसा हो सकता है इसके बाद भी जिले के संबंधित अधिकारियों द्वारा पहाड़ों में संचालित अवैध कोयला खदानों को बंद करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं किया जा रहा है।

एक दो नहीं बल्की इस तरह के कई अवैध कोयला खदानों से कोयला खुदाई किया जा रहा है
पहाड़ों के भीतर बना हुआ है बड़ी बड़ी सुरंग - बता दें कि क्षेत्र के मुरमा, अंगा, पूटा व कटकोना क्षेत्र के पहाड़ों में कोयला प्रचुर मात्रा में है और कोयला चोर पहाड़ों में सुरंग बनाकर सुरंग में घुस कर खुदाई कर बोरीयों में भर कर कोयला निकालने का कार्य करते है , बड़े कोयला चोरों के द्वारा खुदाई कर सुरंग से बाहर निकालने वाले कोयले को वहीं पर खरीद कर क्षेत्र के ईंट भट्ठों के साथ साथ दूरस्थ स्थानों पर ले जाकर मंहगे दाम में बेचने का कार्य विगत कई वर्षों से चल रहा है लेकिन विगत 3 वर्षों से कोयला चोरी का कार्य जोरों पर चल रहा है, इन दिनों भी क्षेत्र में कोयला चोरी की घटना जमकर हो रहा है लेकिन संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है।
खदान धसकने से 2 लोगों की जा चुकी है जान - पटना थाना क्षेत्र के देवखोल की पहाड़ में बने अवैध कोयला खदान में घुसकर कोयला खुदाई करने के दौरान चट्टान धसकने की घटना दो बार हो चुकी है जिसमें दो युवकों की मौत भी हो चुकी है। मिली जानकारी के मुताबिक खदान के भीतर बनाए गए सुरंग में घुस कर कोयला खुदाई करने के दौरान चट्टान धसक जाने के बाद दो अलग अलग घटनाओं में चट्टान में दबे युवकों के शव को रेसक्यू कर दो दो दिनों में बाहर निकाला गया था इसके बाद भी जंगल व पहाडों में चल रहे अवैध कोयला खदानों को बंद करने अब तक वन विभाग द्वारा जांच के नाम पर महज औपचारिकता पूरी कर ली गई है किसी तरह का ठोस पहल नहीं किया गया।
बाइक से कोयला ले जााते हुए
दर्जनों की संख्या में घुसते हैं कोयला खुदाई के लिए - पहाड़ के सुरंग के भीतर कोयला खुदाई करने के लिए आस पास के गांवों के ग्रामिण युवा पैसा कमाने के लालच में घुसते हैं और कोयला खुदाई कर बोरियों में भर कर कोयला को बाहर लाकर बड़े कोयला चोरों के पास बेच देते हैं जिससे उनकी कमाई हो जाती है।
कोल ट्रान्सपोर्ट में लगी गाड़ीयों व साईड़िंग से भी जमकर हो रही है कोयले की चोरी - मिली जानकारी के अनुसार झिलिमिली, पाण्ड़वपारा एवं कटकोना कोयला खदान से उत्पादित कोयले को कटोरा साईड़िंग लाने के दौरान पटना, करजी, गीरजापुर, शिव प्रसादनगर मोड़, टेमरी, सोरगा में रोक कर कोयला चोरों द्वारा जमकर कोयला उतारा जा रहा यही नहीं बल्की कटोरा साईड़िंग के समिप भी पिकप लगाकर कोयला चोरों द्वारा रात तो रात दिन में कोयले की चोरी जमकर की जा रही है।
कोरिया व सूरजपुर जिले में हो रही है चोरी के कोयले की सप्लाई - बता दें कि पटना क्षेत्र के साथ कोरिया जिला एवं सूरजपुर जिले में संचालित ईंट भटठों में चोरी के कोयले की सप्लाई कोयला चोरों द्वारा की जा रही है जिनमें से अधिकांश ईंट भटठों का संचालन खनिज विभाग की अनुमती के बिना ही की जा रही है इसके बाद भी जिले के संबंधित अधिकारियों द्वारा न तो कोयला चोरी रोकने पर ध्यान दिया जा रहा और न ही अवैध रूप से संचालित होने वाले अवैध ईंट भटठों की ओर ध्यान दिया जा रहा है।