पटना तहसील के अंतर्गत छोटे झाड़ के जंगल की दो बार हो गई रजिस्ट्री, ग्रामिणों में आक्रोश, रजीस्ट्री शून्य नहीं हुआ तो ग्रामिण करेंगे आंदोलन



पटना / बैकुण्ठपुर। कोरिया जिले के पटना तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत छिंदिया में 2 ग्रामीणों के नाम से दर्ज छोटे झाड़ के जंगल के जमीन की खरीदी बिक्री का मामला सामने आया है, मामला उजागर होने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। रजिस्ट्री के बाद सोमवार 3 जून को खसरा नंबर 467, 468 के साथ साथ आस पास की सरकारी जमीन में चल रहे समतलीकरण के कार्य को ग्राम पंचायत छिंदिया के पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामिणों ने मिलकर यह कहते हुए रूकवा दिया गया कि उक्त जमीन छोटे झाड़ के जंगल के अंतर्गत आता है और इस जमीन की रजीस्ट्री गलत तरीके से कराई गई है साथ ही रजीस्ट्री कराने के बाद उक्त जमीन के साथ साथ आस पास की सरकारी जमीन को भी अपने नाम से जमीन रजीस्ट्री कराने वाले व्यक्ति द्वारा कब्जा किया जा रहा है जो गलत है।



इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए उप सरपंच अमित जायसवाल, सरपंच हेमलता सिंह, शिव ठाकुर, रामप्यारे, योगेश, पिन्टु, जगमोहन सहित दर्जनों ग्रामिणों ने बताया कि वर्ष 1975 में शासन के योजना के निर्देशानुसार पंचायत क्षेत्र में निवासरत भूमिहिन ग्रामिणों को छोटे झाड़ के जंगल की जमीन जीवन यापन के लिए आवंटित किया गया था जिसके अंतर्गत छिंदिया निवासी कैलाश देवांगन को खसरा नम्बर 467 रकबा 0.8 हेक्टेयर एवं खसरा नम्बर 468 रकबा 0.4 हेक्टेयर जमीन छन्नीराम विश्वकर्मा को आवंटित किया गया था जिसे दोनों ने नियम विरूद्व चिरगुड़ा निवासी मोहेलाल पिता मटुक राम रजवार को बेचते हुए रजीस्ट्री कर दिया गया, रजीस्ट्री कराने के बाद जमीन को छोड़ दिया गया था रजीस्ट्री होने की जानकारी किसी भी ग्रामिण को नहीं हुई लेकिन दूसरी जमीन की रजीस्ट्री होने की जानकारी ग्रामिणों को लगी ग्राम पंचायत छिंदिया के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ साथ ग्रामिणों द्वारा कलेक्टर, तहसीलदार, उप पंजीयक को आवेदन देकर रजीस्ट्री रोकने की मांग करते हुए 15 मार्च 2024 को आवेदन पत्र दिया गया इसके बाद भी जमीन की रजीस्ट्री हो गई, रजीस्ट्री होने के बाद जिसने जमीन खरीदी उसके द्वारा पिछले 7 दिनों से 2 जेसीबी लगाकर उबड़ खाबड़ जमीन को समतल कराने के साथ साथ आस पास की सरकारी जमीन पर कब्जा करने का कार्य जोरों शोरों से किया जा रहा था, जिसे देखकर सोमवार 3 जून को ग्राम पंचायत छिंदिया के पंचायत प्रतिनधियों के साथ साथ ग्रामिण मौके पर पहुंच कर हो रहे समतलीकरण के कार्य को रूकवा दिया।



काट दिये गए कई पेड़ - ग्रामिणों ने बताया कि जमीन समतलीकरण कार्य के दौरान उक्त भूमि में पहले लगे पीपल के 2 पेड़, आम की 1 पेड़ एवं 2 अन्य पेड़ को भी काट दिया गया है व एक पकड़ के आस पास की पूरी मिट्टी को जेसीबी से हटवा दिया गया है जिससे पेड़ कभी भी गिर सकता है।



ग्रामिणों ने लगाया प्रशासन पर अनदेखी का आरोप - ग्रामिणों ने जिला प्रशासन सहित जिले के संबंधित अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत के लेटर पेड़ पर एवं सादे कागज में आवेदन लिखकर छोटे झाड़ के जंगल की जमीन की दोनों प्लाट के जमीन की रजीस्ट्री रोकने के लिए आवेदन दिया गया इसके बाद भी हम लोगों के आवेदन पर जिले के संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा अनदेखी की गई।



रजिस्ट्री शून्य नहीं हुआ तो ग्रामिण करेंगे आंदोलन - पंचायत प्रतिनिधियों के साथ साथ ग्रामिणों ने कहा कि उक्त छोटे झाड़ के जंगल की जमीन की रजीस्ट्री नियम विरूद्व हुई है, इसलिए इसका रजीस्ट्री शून्य किया जाये अगर रजीस्ट्री शून्य नहीं हुआ तो पंचायत प्रतिनिधियों के साथ साथ हम सभी ग्रामिण मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।



मुक्तिधाम के पीपल पेड को भी काट कर हटाया - ग्रामीणों ने बताया कि जिस व्यक्ति ने छोटे झाड़ के जंगल के जमीन की दूसरी बार खरीदी की वह खरीदे गए जमीन के साथ साथ मुक्तिधाम व वर्षों से लोग मृत आत्मा की शांति के लिए जिस पीपल के पेड़ में घंट बांधकर विधिवत पूजा अर्चना करते थे उस पीपल के पेड़ को भी कटवा कर हटवा दिया जिससे ग्रामीण और अधिक आक्रोशित हैं।

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